मोहर्रम: त्याग, सत्य और इंसानियत का संदेश
- By
- Shyamlal jokchand
- July-10-2026
मोहर्रम त्याग, सब्र, इंसाफ और सत्य के लिए अडिग रहने की प्रेरणा का प्रतीक है।
आज नारायणगढ़ पहुँचकर हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) एवं कर्बला के सभी शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया तथा उनके अद्वितीय बलिदान को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) का जीवन हमें सिखाता है कि सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए हर परिस्थिति में दृढ़ रहना चाहिए तथा अन्याय के सामने कभी झुकना नहीं चाहिए। उनका त्याग और बलिदान आज भी पूरी मानवता के लिए साहस, धैर्य और नैतिकता की अमूल्य प्रेरणा है।
आइए, इस पावन अवसर पर हम सभी शांति, सौहार्द, भाईचारे, प्रेम और इंसानियत के मूल्यों को अपनाने तथा समाज में एकता और सद्भाव का संदेश फैलाने का संकल्प लें।
🕊️ हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला के शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि।
🤝 आपसी प्रेम, सद्भाव और इंसानियत ही सबसे बड़ा संदेश है।