राष्ट्र सेवा के 18 गौरवशाली वर्ष: वीर सैनिक यशवंत सिंह बोराना का सम्मान
- By
- Shyamlal jokchand
- June-18-2026
देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिक केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान के प्रहरी होते हैं। उनका त्याग, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत है। भारतीय सेना में सेवा देना केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति सर्वोच्च समर्पण का प्रतीक है।
18 वर्षों तक भारतीय सेना में राष्ट्र सेवा का गौरवशाली दायित्व निभाने के पश्चात अपने गृह क्षेत्र तुरकिया लौटे वीर सैनिक श्री यशवंत सिंह बोराना जी का पिपलिया मंडी स्थित गांधी चौराहा पर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। यह अवसर पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और सम्मान का क्षण था।
यशवंत सिंह बोराना जी ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष देश की रक्षा और सुरक्षा के लिए समर्पित किए। सीमाओं पर कठिन परिस्थितियों में रहकर उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा और भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं का निर्वहन किया। उनका अनुशासन, साहस और राष्ट्रभक्ति समाज के युवाओं के लिए प्रेरणा का संदेश देता है।
स्वागत समारोह के दौरान क्षेत्रवासियों ने पुष्पमालाओं एवं सम्मान के साथ उनका अभिनंदन किया तथा उनकी सेवाओं के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। ऐसे वीर सैनिकों का सम्मान करना केवल उनका अभिनंदन नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा की उस भावना का सम्मान है, जो देश को सुरक्षित और सशक्त बनाती है।
हम सभी उनके समर्पण, त्याग और देशभक्ति को सादर नमन करते हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें स्वस्थ, सुखी, समृद्ध एवं सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान करें तथा वे आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा की प्रेरणा देते रहें।
वीर सैनिकों का सम्मान, राष्ट्र का सम्मान है। 🇮🇳🌹
यशवंत सिंह बोराना जी को शत-शत नमन। 🙏🇮🇳
जय हिंद।