हमारे पारिवारिक मित्र सुनील जी घटिया की सुपुत्री प्रकृति घटिया के न्यायाधीश (जज) बनने पर परिवार और शुभचिंतकों में हर्ष का माहौल है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर उन्हें अनेक लोगों द्वारा बधाई एवं शुभकामनाएं दी जा रही हैं। इसी क्रम में श्यामलाल जी ने प्रकृति घटिया को भारतीय संविधान की प्रति भेंट कर उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। श्यामलाल जी ने इस अवसर पर कहा कि न्यायिक सेवा में संविधान का गहरा अध्ययन और उसके मूल्यों का पालन अत्यंत आवश्यक है, और प्रकृति घटिया से उन्हें निष्पक्ष एवं संवेदनशील न्याय की अपेक्षा है।
प्रकृति घटिया की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि समाज के लिए भी गर्व का विषय है। उन्होंने कठिन परिश्रम, अनुशासन और लगन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उपस्थित लोगों ने उनके इस चयन को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर परिवारजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने प्रकृति घटिया के सफल न्यायिक करियर के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं और उनके द्वारा न्याय व्यवस्था में सकारात्मक योगदान की उम्मीद जताई।