किसान आन्दोलन के दौरान 6 जून 2017 को गोलीाकांड में 6 किसानों की हत्या के आरोपियों पर एफआईआर दर्ज करने व जैन आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने एवं कांग्रेस बदनाम करने वाले आपराधिक व अवैध धंधों में लिप्त भाजपा के लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर जिले के कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने मन्दसौर जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच नारेबाजी की। बाद में एसडीओपी नरेन्द्रसिंह सोलंकी को राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कलेक्टर और एसपी के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि जून 2017 में पिपलियामंडी के किसान अपनी उचित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे, उस दौरान पुलिस ने निहत्थे निर्दोष 6 बेगुनाह किसानों को गोलियों से भूनकर हत्या कर दी है, उसके बाद एक किसान घनश्याम धाकड़ को पुलिस थाने में बंदी बनाकर यातना दी गई, पुलिस अभिरक्षा में घनश्याम की मौत हो गई। इस मामले में दोषी हत्या आरोपियों के खिलाफ मृतकों के परिजनों ने पिपलियमंडी सहित संबंधित थानों पर अलग अलग लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत की, लेकिन पुलिस ने आज तक एफआईआर दर्ज नहीं की।
उपरोक्त मामले के संबंध में शासन ने जस्टिस जैन आयोग का गठन किया गया, आयोग ने अपने कार्यकाल के दौरान जांच कर अपनी रिपोर्ट दी है, लेकिन उस रिपोर्ट को समयाअवधि के दौरान विधानसभा में नहीं रखा गया है और ना ही रिपोर्ट को सार्वजनिक किया गया है। इससे जनता में कानून व्यवस्था को लेकर भारी रोष है, इस कारण जैन आयोग की रिपोर्ट शीघ्र सार्वजनिक की जाना आवश्यक है।
गत दिनों कांग्रेस नेता श्यामलाल जोकचन्द्र ने 600 किलोमीटर तक मल्हारगढ़ (म.प्र.) से रामदेवरा (राजस्थान) तक प्रतिज्ञा पदयात्रा निकाली, जो मोदी हटाओ देश बचाओ और राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री बनाओ लेकर थी। जिसके समापन पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी आये थे, उस समय श्यामलाल जोकचंद व कमलेश पटेल ने संपर्क किया एवं राजनीतिक चर्चा की लेकिन भाजपा के नेता किसान आन्दोलन को राजनीतिक रंग देकर आंदोलन को बदनाम करना चाहती है, इस कारण भाजपा के उपरोक्त लोगों का पर्दाफाश करने के लिए जैन आयोग की रिपोर्ट शीघ्र सार्वजनिक की जाना आवश्यक है।
हाल ही में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से चर्चा को भाजपा के नेताओं ने किसान आन्दोलन करना बताते हुए भाजपा व किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने कांग्रेस के नेताओं और कांग्रेस की सरकार पर आरोप लगाए है, अगर रिपोर्ट सार्वजनिक होती है तो यह सभी आरोप बेबुनियाद और झूठे सिद्ध होंगे तथा जनता के सामने षडयंत्र भी उजागर होगा। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि जैन आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक नही की गई और किसान आन्दोलन में किसानों की हत्या के दोषियों पर कार्रवाई नही हुई तो किसानों को पुनः सड़क पर उतरना पड़ेगा व आन्दोलन करना पड़ेगा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवकृष्ण पाटिल, श्यामलाल जोकचन्द्र, महेन्द्रसिंह गुर्जर, कमलेश पटेल, प्रकाश राठौर, मनजीतसिंह मनी, रंगलाल धनगर, रामप्रहलाद पाटीदार, बंशीलाल पाटीदार, रामेश्वर राठौर, प्रीतिपालसिंह धाकड़ी, नागूसिंह शक्तावत, बद्रीलाल धाकड़, फकीरचन्द गुर्जर, चैथमल गुप्ता, रामेश्वर गुर्जर, महेश गुप्ता, बालेश्वर पाटीदार, रघुवीरसिंह सोनगरा, अनिल बोराना, ब्रम्हानन्द पाटीदार, अशोक खिंची, मानसिंह चैहान, सुरेश भाटी, उदयसिंह दौरवाड़ा, शुभम कुमावत, बाबू मंसूरी, अर्जुन गुर्जर, विष्णु फरक्या, राकेश सेन, अशोक गुर्जर, ऋषि धाकड़, भूपेन्द्र महावर, चर्तुभुज रायकवार, इशरथ शेख, सुनील दिवाणिया, गफ्फार भाई, गणपत पंवार, राजेश भारती, बल्लू गुर्जर, कन्हेया गुर्जर, राहुल कीथिरिया, विजेश मालेचा, मनोहर सोनी, सुन्दरलाल परिहार, अजीत कुमठ, गोपाल पाटीदार, विजेश इंडियन, शीतलसिंह बोराना, दिनेश पाटीदार, रामचन्द्र करुण, अकरम मन्सूरी, अनिल पोरवाल, अमृत पाटीदार, नरेश सैनी युनूस मेव, आसीफभाई, अजहर हयात मेव, बाबू मेवाती, कन्हैयालाल कापड़िया, महेश परिहार, कंुजीलाल पाटीदार, गोपाल रांका, मुकेश कुमावत, कांतिलाल पाटीदार, सत्यनारायण पाटीदार, भंवरलाल बासाब, भंवर राठौर, भंवरलाल गुर्जर, डॉ फरीद शेख, रामलक्ष्मण धाकड़, दिलीप गुर्जर, हेमन्त शर्मा, रमेश पाटीदार, अरुण आर्य, विशाल नेकाड़ी, प्रहलाद पाटीदार, श्यामलाल कारपेन्टर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।
अवैध व गलत कामों में लिप्त लोग दे रहे ज्ञापन
ज्ञापन के दौरान कांग्रेस नेता जोकचन्द्र ने एसडीओपी को बताया कि पुलिस थानों पर पर हमारे खिलाफ भाजपा के एसे लोग ज्ञापन दे रहे है, जो खुद अपराधिक प्रवृत्ति के होकर अवैध कामों में लिप्त है। नकली बीड़ी अवैध व नकली शराब बेचने वाले, सट्टा व्यापार में लिप्त, खाद घोटाले में आरोपी, सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले, गरीबों की जमीनों पर कब्जा कर एक ही जमीन को दो लोगों को बेचने वाले, डोडाचूरा तस्करी करने वाले, भूमाफिया, बैंकों का दिवाला निकालने वाले लोग शामिल है, ऐसे लोग भी शामिल है, जिनका पुलिस विद्युत मोटर चोरी व सट्टा प्रकरण में सार्वजनिक रुप से जुलूस निकाल चुकी है।
जोकचन्द्र ने आरोप लगाया कि आपराधिक प्रवृत्ति व गलत कामों में लिप्त आरोपियों की जांच की जाकर कॉल डिटेल निकलवाई जाए। किसान आन्दोलन कराने में भी इनकी भूमिका संदिग्ध रही है। पहले इन पर कार्रवाई की जाए।