18 नवंबर को विद्युत लाइन पर कार्य करते समय करंट लगने से झुलसे गोपालपुरा निवासी मज़दूर बंशीदास (43) पिता रामदास बैरागी की 26 नवम्बर की शाम अहमदाबाद में उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने मल्हारगढ़ विधानसभा के किसान नेता श्यामलाल जोकचन्द्र के साथ शव को महागढ़ ग्रिड पर रखकर करीब तीन घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। दोपहर 2 से शाम 5.30 बजे तक विरोध प्रदर्शन चला। स्थिति को देखते हुए प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुँचे। लंबी वार्ता के बाद बिजली कंपनी व इस्पान कंपनी ने कुल 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को आउटसोर्स में नौकरी देने का लिखित आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार आंतरीमाता में बिजली के कृषि फीडर पर केबल डालने का कार्य किया जा रहा था। कार्य से पूर्व विधिवत परमिट लेकर लाइन बंद कर दी गई थी। इसी दौरान ग्रिड पर पदस्थ ऑपरेटर ने बिना पुष्टि किए 11 केवी सप्लाई चालू कर दी, जिससे तेज करंट पूरे पोल में दौड़ गया और बंशीदास बुरी तरह झुलसकर नीचे गिर पड़े। गंभीर हालत में उन्हें मनासा अस्पताल से नीमच जिला अस्पताल और बाद में अहमदाबाद रेफर किया गया। दस दिनों के उपचार के बाद बुधवार को शाम उनकी मृत्यु हो गई। गुरुवार को शव गांव पहुंचते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। किसान नेता श्यामलाल जोकचन्द व ग्रामीणों का आरोप था कि विभागीय लापरवाही और ऑपरेटर की गलती के कारण ही दुर्घटना हुई है। परिजनों ने शव को महागढ़ ग्रिड परिसर में रखकर लापरवाह कर्मचारी पर हत्या का मामला दर्ज करने, 50 लाख रुपये मुआवजा देने और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर विरोध शुरू किया।
विरोध प्रदर्शन की सूचना पर एसडीएम किरण आंजना, एसडीओपी साबेरा अंसारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जब कंपनियों की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिला तो ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया। परिजन शव को ग्रिड से उठाकर सड़क पर ले आए और चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। एसडीएम आंजना ने मध्यस्थता करते हुए बिजली कंपनी और इस्पान कंपनी के अधिकारियों को बुलाकर वार्ता कराई। लंबे समय तक चली बातचीत के बाद दोनों कंपनियां मुआवजा देने पर तैयार हुईं। कंपनियों ने दिया 16 लाख रुपये का लिखित आश्वासन दिया। इसमें इस्पान कंपनी द्वारा 6 लाख रुपये बीमा क्लेम, 3.50 लाख रुपये नगद सहायता, 1.50 लाख रुपये उपचार के दौरान पहले ही नकद दिए। कुल सहायता 11 लाख रुपये देने का आश्वासन दिया। साथ ही दो महीने में मृतक के पुत्र अंकित के खाते में राशि जमा करने का लिखित वचन बिजली कंपनी ने दिया। जिसमें 4 लाख रुपये आर्थिक सहायता, मृतक के परिवार के योग्य सदस्य को आउटसोर्स नौकरी देने का आश्वासन दिया। दोनों कंपनियों ने एसडीएम की उपस्थिति में यह सहमति लिखित रूप में दी। लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीण शांत हुए और प्रदर्शन समाप्त किया गया।
एक सप्ताह में दूसरा बड़ा हादसा, ग्रिड की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल:-
इस अवसर पर मनासा विधानसभा क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि आर सागर कछावा, भगतराम डाबी, विनय कोठारी, दिनेश गुप्ता झारड़ा, गणपतसिंह गोपालपुरा, राहुल कीथिरिया, शैतानसिंह कित्तुखेड़ी, कानसिंह, सद्धाम मंसूरी, भोपालसिंह, सुरेन्द्रसिंह तुमडी, कैलाश मराठा, बबलू हाड़ा आदि मौजूद रहे।